अद्वितीय रचनाकार

आप ही रचनाकार हैं।
आप के औज़ार-
प्रेम,धैर्य,शांति,कल्पना या धारणा की शक्ति,विचार शक्ति,भाव शक्ति,वेदना शक्ति,अनुभव की शक्ति,निर्णय लेने की शक्ति,कार्य करने व् न करने की शक्ति,काम की शक्ति,क्रोध की शक्ति,अमीर या गरीब बनने की शक्ति,खुशी या दुखी होने की शक्ति,स्वस्थ या बीमार होने की शक्ति।अनंत हो जाने तथा शूक्ष्म तम होने की शक्ति,सबमें होने की शक्ति,सबसे अलग होने की शक्ति,रचनात्मकता की शक्ति,समझने की शक्ति,ज्ञान और अज्ञान की शक्ति।स्वज्ञान की शक्ति।अज्ञानी बने रहने की शक्ति।परिवर्तन करने की शक्ति।
उठो,जागो,जानो,मानो, हो जाओ।
प्रेम,शांति,शक्ति,आनंद।

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